Saturday, April 5, 2014

अबकी बार मोदी सरकार

Courtesy- Google Images 
सब्ज़ी नहीं है तो खा लेंगे अचार
अबकी बार मोदी सरकार

रागिनी MMS 2 का बिजनेस रहा ज़ोरदार
अबकी बार मोदी सरकार

एंड्रोइड से पक गए  अब है विन्डोज़ फोन की दरकार
अबकी बार मोदी सरकार

मच्छर ने काटा हुआ मलेरिया का बुखार
अबकी बार मोदी सरकार

वाल्दिमीर पुतिन ने ओबामा को दिया ललकार
अबकी बार मोदी सरकार

चिली में आया भूकम्प, मच गया हाहाकार
अबकी बार मोदी सरकार

तनीषा को हो गया अरमान कोहली से प्यार
अबकी बार मोदी सरकार


और ये है घटिया तुकबंदी की इन्तेहाँ -

15 रुपए का सवा किलो आलू और 20 का सवा किलो प्याज़
अबकी बार मोदी सरकार

और आखिरी में ये भी ( शैलजा के SMS के  सौजन्य से )

NDA सरकार में किंगफ़िशर बियर का दाम - 75 रूपए बोतल

UPA सरकार में किंगफ़िशर बियर का दाम - 105 रुपए बोतल

दारु के दाम बढ़ाने वालों , जनता तुम्हे कभी माफ़ नहीं करेगी

अबकी बार मोदी सरकार

( शैलजा 25 बरस की  युवा मतदाता है )







Tuesday, April 1, 2014

NO NO HONEY SINGH

अभी कुछ दिन पहले कि बात है , मेरी 6 वर्ष की बिटिया एक गाना गा रही थी " चार बोतल वोडका , काम मेरा रोज़का , ना मुझको कोई रोके ना मुझको कोई रोकता " ।   मैंने पूछा ये गाना कहाँ सुना तो बोली पापा ये  यो यो हनी सिंह का गाना है टीवी पे आता है।  फिर उसने एक सवाल पूछा " पापा चार बोतल वोडका का मतलब क्या होता है " ?   ये सवाल मेरी बेटी कि जगह आपके  बच्चे या बच्ची ने  आपसे पूछा होता तो आपकी कैफियत भी ठीक वही होती उस वक़्त जो मेरी  रही थी।  

यो यो हनी सिंह पिछले २-३ सालों में भारत में एक हाउसहोल्ड नाम बन गया है , इतना कि अगर कांग्रेस मनमोहन सिंह की जगह हनी सिंह को देश का पीएम बना दे तो बहोत सम्भव है कांग्रेस का पुनः भाग्योदय हो जाए।  इसका हर नंबर सुपरहिट है , और हमारे देश के बच्चो और युवाओं  के लिए ये जस्टिन बीबर का भी बाप है। यूट्यूब पे इसके विडिओ को करोडो लोग देखते है।  जिनमे से ज़्यादातर कमसिन उम्र के बच्चे होते है।  ज़रा सोचिये ये मशहूर रैपर वास्तव में कितना बड़ा खतरा है ।  देश के लाखो करोड़ों बच्चो के निर्मल मन पे कितना घातक  और दूरगामी दुष्प्रभाव छोड़ रहे है इसके " चार बोतल वोडका " टाइप के गाने।  और बात सिर्फ इसकी अश्लील गीतकारी पे ख़त्म नहीं होती , इन गानो का फिल्मांकन और चित्रण और भी ज्यादा अश्लील है। हाल ही में आयी " यारियां " नामकी फ़िल्म में इसका गाया गाना " सनी सनी " अगर आप अपने परिवार या माँ-बाप के साथ बैठके देखंगे तो मेरा दावा है 30 सेकंड में चैनल बदल देंगे।  ये गाना कम है और अधोवस्त्रों का विज्ञापन ज्यादा लगता है।  

श्री श्री 1008 श्री यो यो हनी सिंह साहब के बारे में मेरे ये विचार लोगो को, खासकर इनके युवा दीवानो को Blashphemy जैसे लग सकते है लेकिन ज़हर चाहे जितना मीठा हो हानिकारक ही होता है।  यो यो हनी सिंह जैसे गायक हमारे बच्चो और उनके मानस के दुश्मन है। 

ये फ़ोटो  भोपाल में मेरी बेटी के स्कूल से थोडा आगे बने एक मंदिर की दीवार का है।  कितना  सटीक  और सार्थक लिखा है।  विचार कीजिएगा - 

Saturday, March 22, 2014

Khushwant Singh


कंटेम्पररी भारत में ऐसे बहुत कम लोग होंगे जिन्होंने खुशवंत सिंह जैसा भरपूर , मुकम्मिल और बेबाक जीवन जिया होगा।  इन्होने किसी को नहीं बख्शा, महात्मा गांधी , पंडित नेहरू , अमृता शेरगिल , ज्ञानी जेलसिंह , इंदिरा गांधी , राजीव् गांधी,  लम्बी फेहरिस्त  है इनके शिकारों की।  १९८४ के सिख दंगे हो या ऑपरेशन ब्लू -स्टार इन्होने हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय दी और अपनी दमदार उपस्थिती को हर फोरम पे दर्ज़ कराया। ये ना तो ईश्वर को मानते थे न धर्म और पुनर्जीवन की बातों को, इनका धर्म लेखन था , एक बार किसी ने इनसे पूछा था कि आप लिखना कब छोड़ेंगे तो जवाब आया " Nobody has ever invented a condom for a writer's pen " ऐसे ही थे खुशवंत सिंह।  बहुत कम लोगों में माद्दा होता है अपनी नितांत निजि बातों को इतनी गरिमा से सार्वजनिक करने का जैसे इन्होने किया। खुशवंत सिंह आज   जिस भी लोक में है ,एक बात तय है या तो लेखन पठन कर  रहे होंगे या तंदूरी चिकन के साथ व्हिस्की का मज़ा ले रहे  होंगे।  

Thursday, March 13, 2014

'कास्ट' कटिंग

कॉस्ट कटिंग आजकल बज़वर्ड बन गया है।  प्रदीप मेरे ऑफिस का कैंटीन बॉय है , आज चाय पिलाने आया तो किसी ने कहा " प्रदीप चाय की क्वांटिटी आधी कर दे आजकल 'कास्ट कटिंग ' चल रही है।  प्रदीप ने तपाक से जवाब दिया " मै उसकी जगह चाय की कीमत बढ़ा दूंगा "।  
प्रदीप ने इतना कहाँ और चाय रखकर अगले डिपार्टमेंट की और बढ़ गया लेकिन प्रदीप की बात मेरे  दिमाग में ठहर गयी और  ये धारणा भी मजबूत हो गयी कि व्यवसायिक  समझदारी केवल पढ़े लिखों की बपोती नहीं होती।  प्रदीप ने जो बात एक लाइन में कही उसे लोग 2 साल के MBA या सालो की  नौकरी के बाद भी नहीं समझ पाते।  लाभप्रदता बढ़ने के लिए लागत घटाना  या खर्चे काटना  कभी लास्टिंग सोल्यूशन नहीं हो सकता , ज्यादा बेहतर है कि आमदनी बढ़ाई  जाए।  

Sunday, March 2, 2014

CLASSIFRAUDS

न्यूज़पेपर के साथ आने वाले क्लासिफाइड्स पेज को ज़्यादातर लोग रद्दी में पटक देते है। जिन लोगो को ज़मीन ज़ायदाद , विवाह सम्बन्ध जैसी  जैसी कोई स्पेसिफक ज़रूरत रहती है वो ही क्लासिफाइड्स को खंगालते है।  लेकिन कभी फुर्सत रहे तो क्लासिफाइड्स सेक्शन में झांक के देखिएगा आपके  सामान्य ज्ञान में भरपूर  इज़ाफा होगा और आपको पता चलेगा कि ऐसे अनेक मस्ले जिन्हे आप कभी  सुलझा नहीं पाये  उनका इलाज़ क्लासिफाइड्स में छुपा था । 




क्लासिफाइड्स पढ़कर ही आपको पता चलेगा कि बैंको द्वारा लोन चुकाने के लिए लगाये जा रहे तगादों से परेशान होकर किंगफ़िशर ने खुद अपना बैंक खोल लिया है जिसमे लोन पर  1 प्रतिशत ब्याज़ लगता है  और 40 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।  इसके अलावा RBI ने TATA और MAHINDRA को भी बैंक खोलने की इज़ाज़त देदी है बशर्ते वो भी किंगफ़िशर की लाइन्स पर 1 % ब्याज़ लगाये  और 40 % की छूट दें।  


क्लासिफाइड्स में उन लोगो के लिए भी खुशखबरी छिपी है जिन लोगो को रेलवे में सरकारी नौकरी की दरकार है।  रेलवे ने  अपने रिक्रूटमेंट बोर्ड्स को ख़त्म कर दिया है और तमाम नौकरियां अब इन टटपुन्जे  क्लासिफाइड्स के मार्फ़त बाटी जा रही है।  



ये क्लासिफाइड्स देश के तमाम नामी अख़बारों में रोज़ छपते है और रोज़ लाखों लोगो की नज़रों के सामने से गुज़रते है।  एक सामान्य पाठक को बेशक ये क्लासिफाइड्स भ्रामक और बेहूदा लग सकते है लेकिन वो लोग जो तकलीफशुदा है और सारे उपाय करके हार चुके है उन्हें इन क्लासिफ्राडस में भी उम्मीद की किरण नज़र आती है और ऐसे ही लोग इन क्लासिफाइड्स के चक्कर में ठगे जाते है।  मज़े कि बात है कि इन्हे पब्लिश करने वाले अखबार अंग्रेजी में एक छोटा सा नोटिस ( केवियट) डालकर अपनी ज़िम्मेदारियों से  बरी हो जाते है और फिर ठगी के शिकार लोगो के बारे में बड़ी- बड़ी न्यूज़ बनाकर पत्रकारिता धर्म का ढोंग करते है।  


और ये है सारे क्लासिफाइड्स का बाप -