The Real Hero
एक था माचन
S मंजुनाथ को IIM लखनऊ में PGDBM 2003 के उनके दोस्त इसी नाम से बुलाते थे। सामान्य सा दिखने वाला पढ़ाकू किस्म का संस्कारी दक्षिण भारतीय युवा। लेकिन बड़ा ही असामान्य अपनी सोच में , जब कैंपस में उनके सारे दोस्त Mckinsey , Chevron और AmEx में नौकरी पाने की जुगत में थे , मंजुनाथ कुछ अलग सोच रहा था।
मंजुनाथ को अगर देशप्रेम का 'कीड़ा' ना काटा होता तो आज उसके बाकी BATCH-MATES के जैसे वो भी किसी नामी FMCG कंपनी का या silicon valley की किसी Fortune 500 IT company का globetrotting executive होता , उसके भी दो बच्चे होते , मकान होता , shares का hefty सा portfolio होता settled life होती। यही तो चाहते है हम सब , the 2 BHK life .. कौन बेवकूफ मर -मर के CAT की तैयारी करता है इसलिए कि पढ़ लिख के IIM graduate बन कर देशसेवा में मर मिटेगा ?
एक था माचन

मंजुनाथ ने अपने बाकी सारे दोस्तों से अलग इंडियन आयल कारपोरेशन में Marketing Officer की नौकरी की , जज़्बा था IOC की सफाई का। मिलावटखोर पेट्रोल पंप मालिको और भ्रष्ट अधिकारियों को expose करने का। ईमानदारी और देशप्रेम का ऐसा cocktail जिसने IOC के UP division में खलबली मचा दी। लखीमपुर खीरी के एक पेट्रोल पंप को मंजुनाथ ने मिलावट करने के कारण 3 महीने के लिए seal कर दिया , फिर एक दिन अचानक उस पंप का surprise inspection करने गए और फिर कभी वापस नहीं आये। 6 गोलियों से छलनी मंजुनाथ की लाश उन्ही की car में मिली। कहानी ख़त्म .......
मंजुनाथ को अगर देशप्रेम का 'कीड़ा' ना काटा होता तो आज उसके बाकी BATCH-MATES के जैसे वो भी किसी नामी FMCG कंपनी का या silicon valley की किसी Fortune 500 IT company का globetrotting executive होता , उसके भी दो बच्चे होते , मकान होता , shares का hefty सा portfolio होता settled life होती। यही तो चाहते है हम सब , the 2 BHK life .. कौन बेवकूफ मर -मर के CAT की तैयारी करता है इसलिए कि पढ़ लिख के IIM graduate बन कर देशसेवा में मर मिटेगा ?
Reality hai bhai...
ReplyDeleteदुखद परिदृश्य! एस.मंजुनाथ जी को नमन.
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