जर्मन इक्नामिस्ट फिलास्फर कार्ल मार्क्स ने बड़े फेमस्ली कहा है " Die Religion .. ist das Opium des Volkes " मतलब Religion is the Opium of the People धर्म लोगो का नशा है। अफीम का नशा
फिल्म ऒह माय गॉड के क्लाइमेक्स में परेश रावल से धर्मगुरु (मिथुन चक्रबोर्ति ) यही बोलता है कि लोग ज्यादा दिन हमारे बिना नहीं रह पाएँगे क्योकि धर्म इन लोगो का नशा है। अफीमची भी कई प्रकार के है, छोटे अफीमची बड़े अफीमची , कट्टर अफीमची , पागल अफीमची, फनाटिक अफीमची , चतुर अफीमची , बेवकूफ अफीमची। इन सबके ऊपर है अफीमचियों को नचाने वाले मदारी और अफीम के सप्लायर। कुछ लोग अपनी अफीम की तलब को कस्टमाइज कर लेते है। एक मेरा दोस्त है जो बुधवार को नॉन-वेज नहीं खाता क्योकि उस दिन वो गणेशजी के मंदिर जाता है । एक और है वो सोमवार को दारू नहीं पीता क्योकि सोमवार शंकरजी का दिन है। इन अफीमचियों ने अपनी तलब को कस्टमाइज कर लिया है।
आजकल McD का एक एड आता है उसमे भी यही दिखाते है कि Tuesday होने के कारण अगर आप चिकन मसाला बर्गर नहीं खा सकता तो McD पे Veg मसाला बर्गर भी है। क्योकि McD वाले भी जानते है कि इंसान बर्गर खाना छोड़ सकता है पर अफीम खाना नहीं।लोग हैरान होते है कि कैसे लाखो करोडो लोग एक ठरकी कथा वाचक बाबा के ऐसे अंधे भक्त हो सकते है , जवाब है अफीम की तलब , सालो से जिन लोगो को धर्म की अफीम की लत है उन्हें क्या करना कि बाबा ठरकी है , उन्हें अफीम की आदत है और उनकी पसंद की अफीम बाबा देता है। इसलिए डरते है सारे नशेडी कि बाबा की दुकान बंद हो गयी तो उनको अफीम कौन खिलाएगा। और क्या पता फिर अफीम में नशा ही ना रहे।
गणपति की धूम है अभी, सुबह से जो भोपू बजना शुरू होते है तो फिर आधी रात के बाद ही रुकते है , घर के पास एक झांकी से अभी शाम को एलान हो रहा था कि जिस किसी सज्जन को तम्बोला खेलना है वो शीघ्र आजाए क्योकि आरती के बाद तम्बोला खेला जाएगा।
सब अफीमची है।
गणपति बप्पा मोरिया गणपति बप्पा मोरिया
अब तो भोपू बंद करदो सारा देश सोरिया